LiDAR - Light Detection and Ranging
परिभाषा
LiDAR (Light Detection and Ranging) एक उन्नत दूरस्थ संवेदन तकनीक है जो वस्तुओं और भूभाग की विशेषताओं की दूरी मापने के लिए लेजर प्रकाश का उपयोग करती है। लेजर पल्स उत्सर्जित करके और परावर्तन के बाद प्रकाश के वापस आने में लगने वाले समय का विश्लेषण करके, LiDAR सिस्टम सटीक त्रि-आयामी स्थानीय डेटा उत्पन्न करते हैं। यह तकनीक आधुनिक सर्वेक्षण, मानचित्रण और भू-स्थानिक विश्लेषण में अपरिहार्य बन गई है।
तकनीकी सिद्धांत
#### LiDAR कैसे काम करता है
LiDAR समय-उड़ान माप के सिद्धांत पर काम करता है। सिस्टम जमीन या लक्ष्य वस्तुओं की ओर तीव्र लेजर पल्स उत्सर्जित करता है और प्रकाश के वापस आने में लगने वाले समय को दर्ज करता है। प्रकाश की गति को एक स्थिरांक के रूप में उपयोग करके, दूरी की गणना की जाती है: दूरी = (प्रकाश की गति × समय) / 2।
एक विशिष्ट LiDAR सिस्टम 900 से 1550 नैनोमीटर के बीच तरंग दैर्ध्य पर काम करता है, मुख्यतः निकट-अवरक्त स्पेक्ट्रम में। आधुनिक सिस्टम प्रति सेकंड हजारों से लाखों पल्स उत्सर्जित कर सकते हैं, जो अपेक्षाकृत कम समय में विशाल मात्रा में स्थानीय डेटा प्राप्त करते हैं।
#### मुख्य तकनीकी घटक
सर्वेक्षण में LiDAR के प्रकार
#### Airborne LiDAR
Airborne सिस्टम विमान या हेलीकॉप्टर पर लगे होते हैं, जो बड़े क्षेत्र के सर्वेक्षण के लिए आदर्श हैं। वे एक ही उड़ान में सैकड़ों वर्ग किलोमीटर को कवर कर सकते हैं, विस्तृत ऊंचाई मॉडल और भूभाग मानचित्र तैयार करते हैं।
#### Terrestrial (Ground-Based) LiDAR
Terrestrial या स्थिर LiDAR स्कैनर विशिष्ट सर्वेक्षण स्टेशनों पर तिपाई पर स्थित होते हैं। ये सिस्टम विस्तृत साइट दस्तावेज़ीकरण, भवन सर्वेक्षण के लिए अत्यंत उच्च-रिज़ॉल्यूशन बिंदु क्लाउड प्रदान करते हैं।